Terror in School

हैवान को तो नही पर हैवानियत को देखा ,
उन नादान मासूमों के साथ इंसानियत को भी मरते देखा |
आज हम सबने पाठशाला को शमशान होते हुए देखा,
आज हम सबने पाठशाला को शमशान होते हुए देखा |

सोचता हूँ काश वो हमलावर भी कभी विद्यार्थी बन स्कूल जाते,
या ये विद्यार्थी आज स्कूल ना जाते,
तो हम कितने आँसू और कितना खून बहने से रोक पाते|

पूरा मसला शिक्षा का ही है, अफ़सोस की आज बुरी/ग़लत शिक्षा की जीत हो गयी |

आशा है अब तो उठेंगे कुछ कठोर कदम,
और जड़ से आतंकवाद ख़त्म कर पाएँगे हम
ताकि बच्चे फिर से कह सकेंगे “स्कूल चलें हम”

 

Date Written:17th Dec 2014

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